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Status on Love

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कोई मासूम बदनाम न हो जाए

Contents

न जाने क्या मुझसे, ये ज़माना चाहता है,
दिल तोड़कर मेरा, मुझे ही हसाना चाहता है,
न जाने क्या बात झलकती है, मेरे चेहरे से,
जो हर शख़्स, मुझे आज़माना चाहता है।

हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए,
चिरागों की तरह आँखें जलें, जब शाम हो जाए,
मैं खुद भी एहतियातन उस गली से कम गुजरता हूँ,
कोई मासूम क्यों मेरे लिए, बदनाम हो जाए।

जाम ए इश्क़

नज़रें, करम मुझ पर इतना न कर कि,
तेरी मोहब्बत के लिए मैं बाग़ी हो जाऊं,
मुझे इतना न पिला जाम ए इश्क़ कि,
मैं इश्क़ के जहर का आदी हो जाऊं।

दिल की किताब में गुलाब उनका था,
रात की नींद में ख्वाब उनका था,
ये ज़िन्दगी महकने लगी जिस खुशबू से,
उस खुशबू में फ्लेवर उनका था।

सपनों में खो गए

हम इस कदर उनकी मोहब्बत में खो गए,
उन्हें देखा एक नज़र और उनके ही हो गए,
जो खुली आँख, तो देखा अँधेरा था चारों ओर,
आँखें बंद की और उन्हीं सपनों में फिर खो गए।

जिसको इश्क़ का ख़्वाब आ जाता है,
समझो वक़्त उसका खराब आ जाता है,
महबूब का क्या है? वो आये या न आये,
पर तारे गिनने का हिसाब आ जाता है।

ज़रूरी तो नहीं

साथ उनके रहते-रहते हमें चाहत सी हो गयी,
बात उनसे करते-करते हमें आदत सी हो गयी,
न मिले अगर वो एक पल भी तो होती है बेचैनी,
शायद दोस्ती निभाते-निभाते हमें मोहब्बत सी हो गयी।

वो मोहब्बत है मेरी, कोई मजबूरी तो नहीं,
वो चाहे मुझे, ये ज़रूरी तो नहीं,
कम ये ही नहीं, कि बसा है वो मेरी साँसों में,
सामने ही हो मेरे, ये ज़रूरी तो नहीं।

इश्क़ की नुमाइश

कभी किसी से प्यार मत करना,
अगर हो जाये प्यार तो इज़हार मत करना,
अगर चल सको तो ही चलना इस राह पर,
वरना किसी की ज़िन्दगी बर्बाद मत करना।

जो मज़ा चुपके से दिल लगाने में है,
जो मज़ा इश्क़ को छिपाने में है,
जो मज़ा आँखों से दिल का हाल सुनाने में है,
वो मज़ा कहाँ इश्क़ की नुमाइश में है।

भीगी पलकें

जब खुदा ने इश्क़ बनाया होगा,
तो शायद खुद भी आज़माया होगा,
हमारी तो औक़ात ही क्या उसके सामने,
इस इश्क़ ने तो खुदा को भी रुलाया होगा।

छलकते होठों से छू कर,
होठों को उसने प्याला बना डाला,
पास आयी वो कुछ इस कदर,
ज़िन्दगी को उसने मधुशाला बना डाला।

एक खूबसूरत एहसास

हो न यक़ीन अगर, तो आज़मा के देख ले,
एक बार तू, जरा मुस्कुरा के देख ले,
जो न सोची होगी, वो ख़ुशी मिलेगा तुझको,
एक बार दिल को मिला के देख ले।

ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,
जब खामोश आँखो से बात होती है,
ख़यालो में अक्सर खोए रहते हैं आशिक,
और पता ही नहीं चलता कब सुबह और शाम होती है?

तड़पाया न करो

जब हुआ प्यार का अहसास उनको,
तो सारा दिन वो पास हमारे रोते रहे,
और हम भी इतने खुदगर्ज निकले कि,
आँखें बंद कर के कफ़न में सोते रहे।

जो रूठी जिंदगी तो मना लेंगे हम,
जो मिले ग़म तो सह लेंगे हम,
जब हमेशा आप हमारे साथ रहेंगे तो,
निकलते आंसूओं में भी मुस्कुरा लेंगे हम।

दिल का राज़

जो नज़रों का हुआ मिलना, लब तेरे भी मुस्कुराये थे,
जुर्म ए इश्क़ में, हम दोनो ही आये थे,
हर एक रात में, सेज पे सजनी तेरी ही साये थे,
अब किया है इज़हार, न जाने इश्क़ को कब से छुपाये थे।

दर्द ए दिल एक राज़ बनकर रह गया,
मेरा भरोसा भी मजाक बनकर रह गया,
दिल के सौदागर से दिल्लगी कर बैठे,
शायद इसीलिए मेरा प्यार शायरी बनकर रह गया।

प्यार का नशा

ये दिल सिर्फ़ तेरा नाम ही रटता है,
ना जाने क्यों ये सिर्फ़ तुम पे ही मरता है,
ये नशा है सिर्फ़ और सिर्फ़ तेरे प्यार का,
जो मेरा पूरा दिन सिर्फ़ तेरी याद में कटता है।

जाना था कहाँ और कहाँ आ गये?
दुनिया में रुख़ के भंडार आ गये,
अभी तो प्यार की किताब को खोला ही थी,
और न जाने कितने इम्तिहान आ गये।

दिल और धड़कन

तस्वीर उनकी, आँखों से हटती नहीं,
यादें उनकी, दिल से मिटती नहीं,
भुलायें तो भुलायें उन्हें कैसे,
उनके बिना, कमबख़्त सांसें चलती नहीं।

मोहब्बत की ज़ंजीर से डर लगता है,
कुछ अपने मज़हब से डर लगता है,
जो कर सके मुझे जुदा तुझसे,
हाथ की उन लकीरों से डर लगता है।

आई लव यू

जो ख़फ़ा हो गए तुम, तो कोई ख़ुशी ही ना रहेगी,
और तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी भी ना रहेगी,
हाल क्या बयाँ करें उस लम्हे का, जब तुम ना होगे साथ,
बस ऐसे समझ लो कि ज़िंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी ना रहेगी।

जब रातों में किसी की याद सताये,
जब हवा हल्के से बालों को सहलाये,
जब भूख-प्यास सब गायब हो जाये,
तब लगया है ऐसा कहीं किसी से प्यार ना हो जाये।

पलकों को हल्के से मिला लीजिये

अब दूरियों की ना परवाह कीजिये,
जब भी पुकारे दिल, बुला लीजिये,
हम कहीं दूर नहीं हैं आपसे,
बस अपनी पलकों को हल्के से मिला लीजिये।

ना जाने कब उनकी आँखों से इज़हार होगा,
उनके दिल को हमारा इंतज़ार होगा,
गुजर रही हैं ये रातें उनकी याद में यूँ ही,
ना जाने कब उनको भी हमसे प्यार होगा।

प्यार में रोये

शायद दिल मेरा इस कदर रोया ना होता,
और आँखों को अपनी भिगोया ना होता,
छिपा लेते गमों को दो पल की हँसी में,
जो ख़्वाबो को हक़ीक़त में संजोया ना होता।

जो हो गयी ख़ता तो सज़ा सुना दो,
दर्द क्यों है इतना दिल में वज़ह बता दो,
हाँ मानते हैं हम कि हो गयी देर याद करने में,
लेकिन भुला देंगे तुमको ये तो ख़्याल ही मिटा दो।

इश्क़ है

तन्हाई में मुस्कुराना भी इश्क़ है,
इस बात को सब से छिपाना भी इश्क़ है,
यूँ तो आती नहीं नींद रातों में,
लेकिन रातों में सो कर, जाग जाना भी इश्क़ है।

हालाँकि चेहरे बहुत हैं इस दुनिया में,
पर हमको तो सिर्फ एक ही चेहरा नज़र आता है,
क्यों देखें हम पूरी दुनिया को,
जब उसकी याद में ही सारा वक़्त गुज़र जाता है।

तेरा दीदार

करता हूँ दुआ खुदा से कि,
भले ही तेरे सिवा कुछ ना मिले,
क्यूंकि, मिले तो मिले ज़िन्दगी वरना कुछ ना मिले।

खूबसूरती ना ही सूरत में होती है और ना ही लिबास में,
ये तो महज़ जालिम नजरों का खेल है,
जिसे चाहे उसे हसीन बना दें।

तेरा दीवाना

चलने का ढंग, आंखों के अंदाज़ और दिल के ख़्याल बदल जाते हैं
जब कभी भी वो हमारे या हम उनके सामने जाते हैं।

जो बंध जाये किसी से रूह का बंधन अगर,
तो इज़हार-ए-इश्क़ को अल्फ़ाज़ों की जरूरत नहीं होती।

दिल का आलम

तेरी याद ने मेरा बुरा हाल कर दिया,
तनहा जीना, मुहाल कर दिया,
सोचा अब तुम्हें ना सोचूँ,
कमबख्त दिल ने धड़कने से इंकार कर दिया।

दिवाना हर शख़्स को बना देता है इश्क़,
सैर जन्नत की करा देता है इश्क़,
मरीज हो अगर दिल के तो कर लो इश्क़,
क्यूंकि धड़कना दिलों को सिखा देता है इश्क़।

तू ज़रूरी

ये हक़ नहीं मुझको कि तुझे दुनिया से छीन लाऊँ,
और मेरे दिल से तुझे कोई छीन सके ये हक़ तो मैंने खुद को भी नहीं दिया।

जनाब… ये धड़कनों को थमा देता है,
इश्क़ होता ही है कमबख्त ऐसा,
जो वजूद की धज्जियां उड़ा देता है।

पिया अलबेला‌

रुसवा तेरी चाहत में, हम सरेआम हो गये,
दिल भी हम ही ने खोया और हम ही गुनहगार हो गये।

खुद जलकर दुनिया को रोशन कर दूँ, वो दीया हूँ मैं,
दुनिया से लड़ जाऊं, तेरे आगे झुक जाऊँ, वो अलबेला पिया हूँ मैं।

प्यार का एहसास

राज़ की बात बताने का बहाना कर चूमा था उनके गालों को,
अब वो रोज मुझसे ज़िद कर के वो ही बात पूछती है।

हँसते हुए तुझको जब भी देखता हूँ मैं,
तू ही दुनिया है मेरी यही सोचता हूँ मैं।

प्यार का रिश्ता.

बड़ी ही खूबसूरत शाम थी, वो तेरे साथ थी,
खुशबू अभी तक नहीं गयी थी,
मेरी कलाई से उसके हाथ की।

मोहब्बत कर के भी तुमसे छिपाते फिरते हैं,
तुम्हें कर अनदेखा, फिर छिप-छिप कर देखा करते हैं।

हम तेरे दीवाने हैं

होता है राज-ए-इश्क़, मोहब्बत इन्हीं से फ़ाश,
आँखों की जुबान नहीं होती मगर बेजुबान नहीं होती ये, जनाब।

यादें तेरी बातें तेरी बस तेरे ही फ़साने हैं,
ले कर लिया क़बूल कि हम तेरे ही दीवाने हैं।

दिल के जज़्बात

कि सो जाऊँ तेरी याद में या खो जाऊँ,
अब ये फ़ैसला ही नहीं होता और सुबह हो जाती है।

इश्क़ में हर चीज अजीब होती है,
किसी को मिलती है आशिक़ी,
तो किसी को शायरी नसीब होती है।

बेशुमार प्यार

जब सरक गया उसके रुख़ से पर्दा अचानक,
तो फ़रिश्ते भी कहने लगे काश हम भी इन्सान होते।

इतनी मोहब्बत से निहार रहे हैं,
सोच लीजिये आप खुद के भी नहीं रहोगे।

दिल का मरहम

बातें भले ही कम होती हैं,
मगर जितनी भी होती हैं मेरे दिल को मरहम लगा देती हैं।

तेरा हाथ लूँ अपने हाथों में और फिर बस ऐसा हो,
कि तेरे सारे दुःख, दर्द और ग़म खुद ब खुद मुझमें उतर जायें।

थोड़ी शरारत, थोड़ी नादानी थी,
एक झल्ली सी लड़की थी जो मेरी दीवानी थी।

ना किया प्यार खुद से इतना, ना करी कभी चिंता अपनी,
जितनी ये दिल खुद बा खुद करता तेरी।

भीड़ इस दुनिया में बहुत भारी है,
हाथ थाम लो मेरा कहीं खो ना जाऊँ मैं,
ये ज़िम्मेदारी तुम्हारी है।

मदहोश निगाहें

अक्सर सोचता हूँ देख कर तस्वीर तेरी,
जो तुमसे होती ना मोहब्बत तो क्या होती ज़िन्दगी मेरी।

तेरी खुशबू से लिपट कर बितायी है सारी रात,
आज लोग मेरे महकने का सबब पूछेंगे।

ना जाने कौन सी कशिश है उसकी मदहोश निगाहों में,
नजरअंदाज करना चाहें फिर भी नज़र उसी पे टिकती है।

किस कदर करें हम खुद को तेरे प्यार के काबिल,
जब तक हम आदतें बदलते हैं तब तुम फ़रमाइशें बदल देती हो।

तेरा ख़याल भी कमाल है,
जरा कम आये तो आफत,
जरा ज्यादा आये तो कयामत।

बेपनाह मोहब्बत

पूरे शहर में ये ख़बर हो गयी,
सज़ा क्यों ना दें इस कमबख्त दिल को,
इरादा दोस्ती का था और मोहब्बत बेपनाह हो गयी।

ना जाने क्यों उसकी हर गलती खुद ब खुद माफ़ हो जाती है,
जब वो मुस्कुराकर पूछती है “नाराज हो क्या?”

यूँ तो साँसे भी मेरी, ज़िन्दगी भी मेरी और मोहब्बत भी मेरी,
मगर हर चीज मुक़म्मल करने के लिए जरूरत सिर्फ और सिर्फ तेरी।

आग सूरज में होती है पर जलना ज़मीन को पड़ता है।
मोहब्बत निगाहें से होती है पर तड़पना दिल को पड़ता है।

अक्सर दिल को छू जाती हैं,
एक तुम और एक बातें तुम्हारी।

दिल के पास

धड़कता है दिल तो डर सा लगाता है,
कहीं धड़कनो मे कोई सुन ना ले नाम तेरा।

हिसाब अपनी मोहब्बत का क्या दूँ,
बस तुम अपनी हिचकियाँ गिनते रहो।

कैसे बयाँ करूँ कि मेरे लिए कितने खास हो तुम,
फासले तो कदमों के हैं हर वक्त दिल के पास हो तुम।

यूँ सामने आ कर ना बैठा कीजिये,
सब्र तो सब्र है हर बार नहीं होता।

कैसे बदल दूँ मैं ये फ़ितरत अपनी,
तुम्हें सोचते रहने की अब आदत सी हो गई है।

इश्क़ की राह

आँख खुलते ही याद आ जाता हैं तेरा चेहरा,
दिन की ये पहली खुशी भी कमाल है,
अब प्यार में संशय की जगह नहीं,
मुझको तुझसे सच्चा प्यार है।

खुदा की रहमत में अर्ज़ियाँ नहीं चलती,
दिलों के खेल में खुदगर्जियाँ नहीं चलती,
चल ही पड़े हो तो ये जान लो हुज़ूर,
इश्क़ की राह में मनमर्ज़ियाँ नहीं चलती।

कश्ती के मुसाफ़िर ने समंदर नहीं देखा,
चेहरे को देखा पर दिल में उतर कर नहीं देखा,
पत्थर समझते हैं, अनजान मुझको,
हम तो मोम हैं किसी ने छूकर नहीं देखा।

तेरी दिलनशीं यादें

तब बिना शक्कर की चाय भी मीठी लगती है,
जब तुम मेरी आँखों में आँखें डालकर बात करती हो।

अच्छा लगता है तब-
जब तुम मेरे होठों पर अपनी उँगली रख कर बोलते हो,
“अब चुप भी रहो तुम।”

अब बाजारी रंगों से मुझे रंगने की ज़रूरत नहीं,
तेरी दिलनशीं यादें ही मेरे गाल गुलाबी कर जाती है।

तेरे वजूद में मैं इस तरह उतर जाऊ कि,
तू देखे आइना और आइने में मैं नज़र आऊ।

उसने तारीफ ही कुछ इस अंदाज मे करी मेरी,
हमने अपनी ही तस्वीर को सौ बार देखा।

खूबसूरत सा ख़्याल

जिसे याद करके होंठों पर मुस्कुराहट आ जाए,
वो दिलकस, हसीन, खूबसूरत सा ख़्याल हो तुम।

मैं ताउम्र हिचकियों में गुजार सकता हूँ,
बशर्ते तुम याद किया करो जानम।

कल तक महज़ अजनबी थे तुम,
आज दिल की एक-एक धड़कन पर हुकूमत है तुम्हारी।

ख्वाहिश-ए-ज़िन्दगी बस इतनी सी है कि,
साथ हो तुम्हारा और ये ज़िन्दगी कभी खत्म ना हो।

सुनो मेरे लिए अपना ख़्याल रखा करो,
बेशक सांसे तुम्हारी चलती हैं,
लेकिन दिल तो मेरा धड़कता है।

कितने हसीन हो तुम

दिल करता है थाम लूँ तेरा हाथ और‪ ले जाऊं‬ इस दुनिया से दूर,
जहाँ सिर्फ तुम हो, मैं हूँ और बेसुमार प्यार हो।

उसके होंठों को चूमा तो ये अहसास हुआ,
सिर्फ पानी ही ज़रूरी नहीं प्यास बुझाने के लिए।

हर बार इल्ज़ाम मोहब्बत का हम पर लगा देते हो,
कभी खुद से भी पूछा है कि कितने हसीन हो तुम।

ज़िन्दगी में ऐसे भी लोग होते हैं,
जो कोई वादा नहीं करते पर निभा सब कुछ लेते हैं।

दुनिया एक तरफ और तू एक तरफ क्योंकि,
तू मेरी परी है और ये दुनिया बहुत बुरी है।

लफ़्ज़ों में बयान करूँ कैसे

मत पूछ मुझसे कि मैं कितना प्यार करता हूँ तुझसे?
बस इतना जान ले सिर्फ तुझसे करता हूँ और बेपनाह करता हूँ।

नहीं पता मुझको कि किस तरह छुपाऊँ तुमको,
मेरी मुस्कान में भी अब सिर्फ तुम ही नजर आते हो।

मैं लफ़्ज़ों में बयान करूँ कैसे,
जो शख़्स मुझको खुशबू सा लगता है।

क्यों ना करूँ गुरूर मै अपने आप पर,
मुझे चाह उसने जिसके चाहने वाले हजार थे।

बेशक गुस्सा करने का पूरा हक है तुमको,
मगर नाराजगी में ये मत भूल जाना कि,
हम बेशुमार प्यार भी करते हैं तुमको।

आँखों का शबाब

ना जाने कौन सी दौलत है तेरे इन अल्फ़ाज़ों में,
जब भी बात करते हो दिल खरीद लेते हो।

बदल जाती है हक़ीक़त ज़िंदगी की,
जब मुस्कुराकर तुम कहते हो “बहुत प्यारे हो तुम।”

ना जाने क्यों तुझे देखने के बाद भी,
तुझे ही देखने की चाहत रहती है।

आँखों के डॉक्टर भी मरीज हो गये हैं,
जब से तेरी आँखों का शबाब देखा है।

होता मुमकिन तो तुझे साँस बनाकर दिल में रखते,
तू रुक जाये तो मैं नहीं और मैं मर जाऊं तो तू नहीं।

मेरी जान हो तुम

मेरी यादों में हो तुम या मुझ में तुम हो,
मेरे ख्यालों में हो तुम या मेरा ख्याल तुम हो,
धड़क-धड़क के दिल मेरा पूछे बार-बार,
कि मेरी जान में हो तुम या मेरी जान तुम हो।

आँखों मे आ जाते हैं आँसू,
फिर भी लबो पे मुस्कान रखनी पड़ती है,
ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है दोस्तों,
जिससे करते हैं उसीसे छिपानी पड़ती है।

थी मुझे मोहब्बत उससे इस कदर,
कि यादों में उसकी ये दिल तड़पता रहा,
मौत भी मेरी चाहत को यूँ रोक ना सकी,
कब्र में भी कमबख्त ये दिल धड़कता रहा।

बेकरार दिल

आँखों में मेरी, लोगो ने पड़ा है,
पिंजरे में पंछी सा, दिल बेबस पड़ा है,
होकर आज़ाद ये आसमां में उड़ने को बेकरार है,
किसी और से नहीं मुझे सिर्फ तुझसे प्यार है।

चाहत वो नहीं जो जान देती है,
चाहत वो नहीं जो इंतक़ाम देती है,
ऐ मेरे दोस्त चाहत तो वो है,
जो पानी में गिरे अश्क भी पहचान लेती है।

आदत बदल दू कैसे तेरे इंतज़ार की,
अब ये बात नहीं है मेरे इख्तियार की,
ना देख पाऊं तुझको फिर भी याद करता हूँ,
बस एक ऐसी ही खुश्बू है तेरे प्यार की।

तेरी बाहों में

मुझको सुहाना नजारा मिल गया,
नज़रों को दीदार तुम्हारा मिल गया,
और किसी चीज की क्या तमन्ना करूँ,
जब करार मुझको तेरी बाहों में मिल गया।

इजहार ए मोहब्बत कुछ ऐसे हुआ,
क्या कहें की प्यार कैसे हुआ?
एक झलक पे उनकी निसार हुए हम,
सादगी पे मर मिटे और आँखों से इकरार हुआ।

माना की जीते हो तुम ज़माने के लिये,
जी के एक बार तो देखो हमारे लिये,
इस दिल की क्या औकात आपके सामने,
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये।

प्यार की प्यास

यह कैसी लगन तूने हमको लगा दी है,
सौचा था प्यास बुझेगी, पर तूने और बढ़ा दी है।

बेसुमार प्यार

तेरे प्यार में हूँ बेकरार,
मेरी ‪आँखों‬ में झाँक के देख‬ एक बार,
प्यार करता हूँ तुझसे बेसुमार,
इस जन्म ना सही पर मिलन होगा हमारा, अगली बार।

अच्छा है

तेरे लबों पर मुस्कराहट का साज़ अच्छा है,
शायद इन आँखों में मेरी तस्वीर का आगाज अच्छा है,
रुखसार पर लाली बिखरी हुई यूँ हया से,
शायद मेरे सवाल का जवाब अच्छा है।
तेरे गेसुओ से सुलझने को एक उम्र बाकी है,
शायद मेरे उलझने का ये जाल अच्छा है।
लफ्ज़ होठों से निकलते हैं मीठे राग की तरह,
शायद मेरे बहकने का ये साज़ अच्छा है।
मचाता है शोर मेरी तबियत का अब ज़माना,
शायद इस रोग का इलाज अच्छा है।

हद से गुजर जाऊँ

जब यार मेरा हो पास मेरे,
मैं क्यूँ न हद से गुजर जाऊँ,
जिस्म बना लूँ उसे मैं अपना,
या रूह मैं उसकी बन जाऊँ।

लबों से छू लूँ जिस्म तेरा,
साँसों में साँस जगा जाऊँ,
तू कहे अगर इक बार मुझे,
मैं खुद ही तुझमें समा जाऊँ।

दिल की धड़कन

कितनी मासूम होती हैं ये दिल की धड़कनें,
कोई सुने या ना सुने ये खामोश नहीं रहती।

क्या कहूँ

तलब कहूँ, ख्वाहिश कहूँ या कहूँ इश्क तुझे,
प्यार का दरिया कहूँ या कहूँ प्यास तुझे।

दिल का हाल

तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना दूँ,
तुझे मिले बिना तेरे दिल का हाल बता दूँ,
है मेरे प्यार में दम इतना,
कि तेरे आँखों का आंसू अपनी आँखों से गिरा दूँ।

टूटा ख्वाब

एक खोया-खोया चाँद था जो था खफा-खफा,
एक टूटा-टूटा ख्वाब था जो तुझ से था जुड़ा,
एक आधी-आधी आशिकी जो पूरी हो गई,
तुम मिल गये तो जाने क्यूँ ये दूरी गई।

मोहब्बत का उजाला

चल चलें किसी ऐसी जगह,
जहाँ न तेरा न कोई मेरा हो,
इश्क़ की रात हो,
और मोहब्बत का सवेरा हो।

जख्म ऐ दिल

फिर कोई जख्म मिलेगा तैयार रह ऐ दिल,
कुछ लोग फिर पेश आ रहे हैं बहुत प्यार से।

तू मेरी जिंदगी

ये जिंदगी चल तो रही थी, पर तेरे आने से मैंने जीना सीख लिया।

ज़िन्दगी आपके नाम

दिल में उनकी चाहत और लबों पे उनका नाम है,
वो वफ़ा करें ना करें जिन्दगी अब उन्हीं के नाम है।

बेकरार दिल

कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतजार है,
जुदाई के बाद भी तुझसे प्यार है,
तेरे चेहरे की उदासी दे रही है गवाही,
मुझसे मिलने को तू अब भी बेकरार है।

बारिश मे उनकी याद

बारिश की बूंदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬,
और हम उनसे मिलने की चाहत में भीग जाते है‬।

इश्क की हकीकत

यूँ तो मोहब्बत की पूरी हकीकत से वाकिफ हैं हम,
पर उसे देखा तो सोचा चलो ज़िन्दगी बर्बाद कर ही लेते हैं।

इश्क़ की महक

मिलावट है तेरे इश्क में इत्र और शराब की,
कभी महक जाता हूँ तो कभी बहक जाता हूँ।

गले लगा कर

उसकी मोहब्बत का अब कैसे हिसाब हो,
जो गले लगा कर कहती है कि आप बड़े खराब हो।

प्यार का गणित

इश्क का गणित अलग होता है,
वहाँ तू और मैं दो नहीं एक होते हैं।

बेपनाह मोहब्बत

चल एक खूबसूरत गुनाह कर लें,
साथ दो पल का सही इश्क बेपनाह कर लें।

अकेलेपन का दर्द

कभी जो गौर से देखो तो जान लोगे तुम,
की हर लम्हा तुम्हारे बिना हमारी जान लेता है।

बारिश का मजा

आज बारिश में तेरे संग नहाना है,
सपना ये मेरा कितना सुहाना है,
बारिश की बूंदे गिरें तेरे होठों पे,
उन्हें अपने होठों से उठाना है।

दिल का राज

मोहब्बत का राज उस वक़्त खुल गया,
दिल जब उसकी कसम खाने से मुकर गया।

तुम्हे सीने से

चलो इश्क़ में कुछ यूँ अंदाज़ अपनाते हैं,
तुम आँखें बंद करो हम तुम्हे सीने से लगाते हैं।

जिसे दिल में

हम अपने आप पर गुरूर नहीं करते,
किसी को प्यार करने पर मजबूर नहीं करते,
मगर एक बार जिसे दिल में बसा ले,
फिर मरते दम तक उसे दिल से दूर नहीं करते।

पहला पहला प्यार

चुप रहते है क्यों की कोई खफा न हो जाए,
हम से कोई रुसवा न हो जाये,
बड़ी मुश्किल से कोइ अपना बना है,
मिलने से पहले ही कहीं जुदा न हो जाये।

लाख समझाया उसको

लाख समझाया उसको कि दुनिया शक करती है,
मगर उसकी आदत नहीं गई मुस्कुराकर गुजरने की।

प्यार क्या होता है।

तड़प के देखो किसी की चाहत में,
तो पता चलेगा कि इंतजार क्या होता है,
यूँ ही मिल जाए कोई बिना चाहें,
तो कैसे पता चलेगा कि प्यार क्या होता है।

जिंदगी रुक जाती हैं

जब तू दाँतो में क्लिप दबाकर खुले बाल बांधती है,
कसम से एक बार तो जिंदगी वही रुक जाती हैं।

मोहब्बत का चाँद

मोहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं,
चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।

खूब रुलायेंगे उन्हें

आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें,
सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत है।

भोली सी लडकी

ना हीरों की तमन्ना हैं और ना परियों पे मरता हूँ,
वो एक भोली सी लडकी है जिसे मैं प्यार करता हूँ।

रिश्तों का अहसास

छुपे छुपे से रहते हैं सरेआम नहीं हुआ करते,
कुछ रिश्ते बस महसूस होते हैं उनके नाम नहीं हुआ करते।

हक के रिश्ते

बड़े प्यारे होते हैं न ऐसे रिश्ते,
जिन पर कोई हक भी न हो और शक भी न हो।

तेरी कसम

तुम्हें कितनी मोहब्बत है मालूम नहीं,
मुझे लोग आज भी तेरी कसम देकर मना लेते हैं।

प्यार का हिसाब

शिकायतों की पाई-पाई जोड़कर रखी थी मैंने,
उसने गले लगाकर सारा हिसाब बिगाड़ दिया।

अल्फाज नहीं मिलते

तेरी शान में क्या नज़्म कहूँ अल्फाज नहीं मिलते,
कुछ गुलाब ऐसे भी हैं जो हर शाख पे नहीं खिलते।

आँखों के अंदाज़

आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं,
जब कभी हम उनके सामने जाते हैं।

इश्क के पहलू

कभी रजामंदी, तो कभी बगावत है इश्क,
मोहब्बत राधा की है, तो मीरा की इबादत है इश्क।

सुलगते दिल

लुत्फ़-ए-इश्क, सिर्फ वो ही समझते हैं,
दिल जिनके धडकते नहीं, सुलगते हैं।

मुस्कुराने का असर

हर मर्ज़ का इलाज नहीं दवाखाने में,
कुछ दर्द चले जाते हैं सिर्फ मुस्कुराने में।

दिलो की चाहत

कौन कहता है संवरने से बढ़ती है खूबसूरती,
दिलों में चाहत हो तो चेहरे यूँ ही निखर आते हैं।

नहीं बदलते एहसास

एहसास नहीं बदलते तारीखों के साथ,
तुम धड़क रहे हो मुझमें हर एक साँस के साथ।

अपने वजूद पर

नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर,
कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए तो भी दिल धड़क जाता है।

दिल के रिश्ते।

खामोस चेहरे पर हजारो पहरे होते हैं।
हस्ती आँखों मैं भी जख्म गहरे होते हैं।
जिनसे अक्सर रूठ जाते हैं हम,
असल मैं उनसे ही रिश्ते ज्यादा गहरे होते हैं।

अनमोल रिश्ते।

जिन्दगीं में किसी का साथ काफी हैं,
कंधे पर किसी का हाथ काफी हैं,
दूर हो या पास क्या फर्क पड़ता हैं,
अनमोल रिश्तों का तो बस एहसास ही काफी हैं।

परफेक्ट रिलेशनशिप…

थोड़ी सी तकरार, ढेर सारा केयर,

नो ब्रेकअप सिर्फ़ ढेर सारा प्यार।

प्यार में ऊम्र नहीं होती…

क्या क्या रंग दिखाती हैं जिंदगी क्या खूब इक्तेफ़ाक होता हैं,
प्यार में ऊम्र नहीं होती पर हर ऊम्र में प्यार होता हैं।

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